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रेडी-टू-मूव की तुलना में अंडर कंस्ट्रक्शन मकान लेना रहता है फायदेमंद, यहां जानें इससे जुड़ी 5 जरूरी बातें

भारत में नया मकान या फ्लैट खरीदने वालों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि उन्हें रेडी टू मूव यानी बना बनाया मकान लेना चाहिए या फिर अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी खरीदनी चाहिए। आजकल के खरीदार रेडी टू मूव फ्लैट या बना-बनाया मकान खरीदना पसंद करते हैं, ताकि उन्हें इस बात की चिंता न करनी पड़े कि उनका मकान कब तक पूरा होगा या पूरा होगा भी या नहीं? लेकिन जब से देश में रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) के नियम लागू हुए हैं, तब से बिल्डर्स और डेवलपर्स के ऊपर नियामकीय दबाव और समय पर प्रोजेक्ट पूरा करने की जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं। इसलिए अगर अच्छे डेवलपर से निर्माणाधीन मकान या फ्लैट भी खरीदते हैं तो ज्यादा रिस्क नहीं है।

देश के अधिकांश इलाकों में अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी खरीदना पूरी तरह सुरक्षित और कानून द्वारा संरक्षित है। इसलिए आप अपनी वित्तीय स्थिति और अन्य जरूरतों के हिसाब से निर्माणाधीन मकान खरीदना तय कर सकते हैं। आइए फरांदे स्पेसेस पुणे के एमडी आकाश फरांदे से जानते हैं कि अंडर कंस्ट्रक्शन फ्लैट खरीदने के क्या फायदे हैं?

पसंद का मकान चुनने की सुविधा
रेडी टू मूव मकान में अधिकांश मकान पहले से बुक हो चुके होते हैं, जिसकी वजह से कई बार आपको अपनी पसंद का मकान नहीं मिल पाता। अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी चुनने में आप अपनी पसंद की लोकेशन, दिशा स्थिति और अन्य डिमांड के हिसाब से मकान या फ्लैट चुन सकते हैं।

प्रीमियम या ज्यादा भुगतान से बचाव
रेडी टू मूव मकानों में प्रीमियम लिया जाता है और वे अंडर कंस्ट्रक्शन मकानों की तुलना में महंगे होते हैं। जहां रेडी टू मूव मकान 1500 से 2000 रुपए वर्गफीट में मिलता है, वहीं अंडर कंस्ट्रक्शन 50-60 फीसदी कम रेट पर यानी 1000 से 1200 रुपए वर्ग फीट के रेट में मिल जाता है।

निवेश पर अच्छा रिटर्न
रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी में निवेश का एक मकसद उस पर अच्छा एप्रिसिएशन हासिल करना होता है। अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी कम दाम पर मिल जाती है और उस पर जब तक निर्माण पूरा होता है तब तक प्रॉपर्टी के दाम काफी बढ़ चुके होते हैं। इससे निवेश पर अच्छा खासा एप्रिसिएशन मिल जाता है।

तुरंत ईएमआई शुरू नहीं होती
अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी में किस्तों में भुगतान करना होता है, इसलिए आप जितने पैसे चुकाते हैं उतने की ही ईएमआई बैंक या वित्तीय संस्था को देनी होती है। जबकि रेडी टू मूव मकान में आपकी पूरी ईएमआई पजेशन लेते ही शुरू हो जाती है।

मकान में मनमाफिक बदलाव
अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी में निर्माण होने से पहले आप बिल्डर से बात करके अपनी जरूरत और सुविधा के मुताबिक बदलाव कर सकते हैं या चीजें जोड़ सकते हैं। रेडी टू मूव प्रॉपर्टी में आपको कोई बदलाव करने के लिए तोड़फोड़ करने की जरूरत होगी।

अपनी जरूरत को भी समझें
वैसे तो हर किसी की अलग-अलग आवश्यकता होती है लेकिन अगर आपको तुरंत ही मकान में शिफ्ट होने की जरूरत नहीं है तो रेडी टू मूव के बजाय अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी लेना फायदेमंद होता है। किसी प्रतिष्ठित बिल्डर या डेवलपर से अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी खरीदेंगे तो प्रोजेक्ट में देर होने का जोखिम भी नहीं होगा।

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